पड़ोसन लड़की की मालिश की और रगड़ दिया

HotXxx लड़की की चूत चुदाई का मजा मेरी पड़ोसन लड़की ने दिया. हम दोनों दोस्त थे. उसका बॉयफ्रेंड भी था. पर उसे मेरे लंड से ज्यादा मजा आया.

फ्रेंड्स, मैं यू पी के बलिया का रहने वाला हूं.
मेरा नाम विक्की है और मैं बी एस सी फर्स्ट ईयर का स्टूडेंट हूं.

यह HotXxx लड़की की चूत चुदाई कहानी मेरी और मेरे पड़ोस में रहने वाली एक लड़की की है जिसका नाम सोनम है.

वो मेरे से उम्र से बड़ी है.
मैं उसको सोनम दीदी बोला करता हूं.
वह अभी बीएससी कर चुकी है और एमएससी कर रही है.

सोनम का घर मेरे घर के बिल्कुल बगल वाला ही है तो हम दोनों के घर वालों में अच्छी जमती है.
अच्छे व्यवहार की वजह से मेरा हमेशा उसके घर आना जाना होता रहता है.

मैं उसके घर जाता हूं तो उससे अपनी पढ़ाई के बारे में चर्चा होती रहती है.

एक दिन उन्होंने कहा- तुम रोज कॉलेज से आने के बाद मेरे घर आ जाया करो, तो तुम्हारे सब्जेक्ट्स को अच्छे से समझा दिया करूंगी.
मैंने हामी भर दी.

और अब मैं रोज कॉलेज से आने के बाद उनके घर चला जाता था.
हम दोनों छत पर जाकर थोड़ा स्टडी करते.
और उसी दौरान हम दोनों के बीच हल्का फुल्का मजाक भी हो जाता.

कुछ ही समय में यह हो गया था कि स्टडी कम होती और मजा ज्यादा होने लगा था.
हम दोनों अब बिल्कुल पक्के दोस्तों की तरह एक दूसरे के साथ व्यवहार करने लगे थे.

उसके दो भाई भी हैं. वे दोनों बाहर रह कर स्टडी करते हैं.

सारा दिन वह अपने घर पर अकेली ही रहती है.
उसकी मम्मी की मृत्यु हो गई थी और पापा अभी विदेश में जॉब करने गए हैं तो घर का सारा काम उसी को करना पड़ता था.

हम दोनों को ऐसे ही पढ़ाई के साथ मजाक आदि करने लगे थे.
और यह सब रोजाना चलने लगा था.

एक दिन उसने मुझसे पूछा- तुम्हारी कोई जी एफ है?
मैंने बोला- नहीं!

उसने तपाक से कहा- अरे तो कब बनाओगे … क्या जब बूढ़े हो जाओगे तब?
मैंने कहा- यार, कोई ढंग की लड़की मिलती ही नहीं है तो ऐसे किसे गर्लफ्रेंड बना लूँ!

उसने पूछा- तुमको ऐसी कैसी लड़की चाहिए जो तुम्हें कोई नहीं मिल रही है!
मैंने कहा- वह कम से कम तुम्हारी तरह हो. तो ही सोचूंगा!

तो उसने पूछा- मेरी तरह का क्या मतलब है?
मैंने बोला- केयरिंग हो, हॉट हो सेक्सी हो और इंटेलिजेंट भी हो, तो जरूर बना लेता!
इस पर उसने बोला- अच्छा यह मसला है!

मैंने उससे पूछा- हां यह मसला है, अब तुम बताओ तुम्हारा कोई बी एफ है क्या?
उसने बोला- हां है!

तो मैंने कहा- उससे मिलती हो?
वह बोली- यार बात तो हो जाती है पर मिलना नहीं हो पाता. फिलहाल उससे मिले 4 महीने हो गए हैं, तब से अब तक हम नहीं मिल सके हैं. मुझे बाहर जाने का टाइम ही नहीं मिलता है, तो कहां से मिलूँ?
मैंने पूछा- अच्छा कहां कहां घूमी हो उसके साथ?

उसने कहा- यार, वह मुझे लेकर तो कई बार गया, पर घूमने का टाइम ही नहीं मिला!
मैंने कहा- इसका क्या मतलब हुआ? जब साथ जाती हो, तो और कैसा घूमना चाहती हो?

उसने कहा- अरे वह सब छोड़ो!
मैंने कहा- ओके और बताओ, उसके साथ क्या चल रहा है?

उसने बताया- वह घर आ जाता है. खाने पीने के बाद हम दोनों का ऐसा रहता है कि थोड़ा सा रेस्ट किया और उसके बाद जरा सा भी टाइम नहीं मिलता!
मैंने कहा- अरे, तो रेस्ट क्यों करते हो. उसी समय घूम लेना चाहिए ना!

उसने कहा- जब तुम्हारी जीएफ होगी और बाहर घूमने ले जाओगे न … तब सब पता लग जाएगा कि रेस्ट क्यों करना होता है!
मैं समझ गया कि ये क्या बात करना चाह रही है.

फ़िर उसने पूछा- अच्छा बाहर घूमने कितनी बार गई हो?
उसने कहा- गई तो कई बार हूँ, पर घूम नहीं पाते!

मैंने कहा- अच्छा घूम नहीं पाती हो … कुछ हुआ भी है उसके साथ या बस ऐसे रेस्ट ही हो पाता है?
उसने मेरी बात पकड़ ली और बोली- चुप रहो, तुम अब बस करो ज्यादा मत बोलो!
मैं हंस दिया.

उस दिन के बाद हम दोनों में एकदम से खुली बातें होने लगी थीं.

एक दिन मैं उसके घर गया था, उस वक्त वह लेटी हुई थी और उसकी तबीयत ठीक नहीं थी.

मैं बैठ गया और पूछा- क्या हुआ, क्या समस्या है?
उसने बताया- यार कमर दर्द हो रही है.

मैंने कहा- लाओ मैं दबा दूं?
उसने कहा- चुप रहो मजाक मत करो, सच में कमर दर्द हो रहा है!

मैंने कहा- मैंने भी सच में दबाने को ही बोला है!
वह बोली- अच्छा?
मैंने बोला- हां यार!

वह बोली- ठीक है, पहले खिड़की दरवाजा बंद कर लो, फिर तेल लगा कर थोड़ी मालिश कर दो.
मैंने ऐसा ही किया.

उसने लोअर पहना था और ऊपर टी-शर्ट डाली थी.
मैंने उसकी टी-शर्ट को हटा दिया और उसकी पीठ पर मालिश करने लगा.

अब वह मुझे लेटी हुई अजीब सी नजरों से देखने लगी थी.
मैंने पूछा- क्या देख रही हो?

वह बोली- यार, सच में तुम्हारे जैसा बॉयफ्रेंड होना चाहिए, कितनी अच्छी मालिश करते हो.
मैंने थोड़ी लाइन मारी- मैं सब अच्छे से करता हूं मैडम, आप मौका कहां देती हो!

वह भी समझ रही थी कि मैं क्या इशारा कर रहा हूँ.

उसने अब अपने लोअर को थोड़ा सा नीचे खिसका कर जगह बनाते हुए इशारा किया.

मैंने उसकी पीठ से होते हुए कमर को थोड़ी देर तक सहलाया और तेल लगा कर मालिश करने लगा.

उसका लोअर लूज़ होने से मेरा हाथ थोड़ा नीचे तक जाने लगा था.
मुझे उसके मांसल चूतड़ों का स्पर्श मिल रहा था.

मैं उसके मादक जिस्म का अहसास करते हुए मालिश कर रहा था.
मेरा ध्यान नहीं था कि मेरा हाथ कब उसकी पैंटी में चला गया और उसका अहसास तब हुआ जब चुत की नमी ने हाथ को एक अलग सा फ़ील दिया.

मैंने महसूस किया कि मेरे हाथ के चुत पर लग जाने से उसने कुछ भी नहीं बोला.
मैं मस्ती से लगा रहा.

थोड़ी देर तक मैं चुत के इर्द गिर्द मालिश करता रहा और उसे कसमसाने पर मजबूर करता रहा.
मैंने समझ लिया था कि यदि मैं उसकी चुत उंगली भी कर दूं तब भी यह कुछ नहीं कहेगी.

अंत में मैंने एक बार जानबूझ कर अपना हाथ चुत पर डाल दिया और इस बार मैंने अच्छे तरीके से चुत को ज़ोर से दबाते हुए मसला तो इस बार वह मचल गई और बोली- बस करो, तुम्हारा इरादा ठीक नहीं लग रहा है. तुम बदतमीज़ी कर रहे हो.
मैंने कहा- यार, एक तो मैंने तुम्हारी कमर की मालिश की और तुम इसे बदतमीज़ी बोल रही हो. चलो अब मुझे मेरा मसाज का चार्ज दो.

वह इठला कर बोली- अच्छा कितना चार्ज लेते हो?
मैंने उसकी आंखों में आंखें डालकर कहा- जितना तुम दे सको, पर चार्ज मैं पैसे में नहीं लूंगा.

उसने पूछा- फिर कैसे लोगे?
वह भी इशारा समझ रही थी.

मैं मुस्कुरा दिया तो वह झट से बोली- अभी मैं कुछ भी चार्ज नहीं दे सकती क्योंकि अभी सर्विसिंग चल रही है. तुम 2-3 दिन के बाद अपनी सर्विस का चार्ज ले लेना.
तभी मैं समझ गया कि इसकी चुत से माहवारी का पानी बह रहा है, इसलिए 2-3 बाद की कह रही है.

मैं उससे अलग हो गया और हम दोनों के बीच ऐसे ही उल्टी सीधी बात होने लगी.
मस्ती चढ़ती जा रही थी.

फिर 3 दिन कब निकल गए, कुछ पता ही नहीं चला.
अब चार्ज लेने का दिन आ गया.

मैं अपने टाइम से पहले ही पहुंच गया.
मतलब जिस टाइम पर मैं रोज जाता था, उससे जरा पहले आ गया.

वह संडे का दिन था तो मैं फ्री था.
मैं उसके रूम में गया, वह नहीं दिखी.

मैं समझ गया कि वह पक्का बाथरूम में होगी.
मैंने ध्यान दिया तो बाथरूम से पानी गिरने की आवाज आ रही थी और वह कुछ गुनगुना रही थी.

मैंने बिस्तर पर देखा तो उसके कपड़े रखे थे.
मैं उधर ही बेड पर बैठ गया.

उसे पता नहीं था कि मैं कमरे में आ गया हूँ और बेड पर बैठा हूँ.
वह नहा कर एकदम से बाथरूम से निकली, उसने बस एक छोटा सा तौलिया लपेटा हुआ था.

जैसे ही उसकी नजर मेरे ऊपर पड़ी, वह घबरा गई.
मैं उसके कपड़ों पर ही बैठा था.
उसने खुद को संयत करते हुए कहा- मेरे कपड़े दे दो.

मैंने उसके मदमस्त यौवन का रस पीते हुए कहा- आओ, खुद ही ले जाओ.

जब वह कपड़े लेने आई और कपड़े खींच कर निकालने की कोशिश की, तो वह नहीं निकाल पाई.

मैंने उसे जोर से खींच लिया, तो वह मेरे ऊपर आ गिरी और उसकी तौलिया उसके शरीर से हट गई.

वह बिल्कुल नंगी हो गई थी.

उसने झपट कर अपने मम्मों के ऊपर तो तौलिया को ले लिया लेकिन हड़बड़ाहट में तौलिया सही से नहीं लगी थी तो उसका एक स्तन साफ दिखने लगा.

मैंने उसके दूध पर अपना हाथ रख दिया.
वह सहम गई और शर्मा भी गई.

वह बोली- छोड़ो, कोई देख लेगा!
मैंने कहा- इधर कोई नहीं देखेगा. दरवाजा बंद है और खिड़की भी!

अब मैंने उसे खींचा और किस करने लगा.
कुछ पल बाद वह भी मेरा साथ देने लगी.

वह कामुक भाव से बोली- जल्दी से अपना चार्ज ले लो, नहीं तो कोई दूसरा आ जाएगा तुम्हारी जगह!
मैंने यह सुनते ही उसकी चुत पर मुँह लगा दिया.

वह बोली- पागल हो तुम!
मैं उसकी बात को अनसुना करते हुए चुत को ज़ोर ज़ोर से चाटने लगा.

वह भी अब पूरे मूड में आ गई थी और कुछ ही समय में उसका रस निकल गया.
वह मुझसे छूट कर हट गई और अपनी चुत को उसी तौलिया से पौंछने लगी.

थोड़ी देर बाद मैंने उसे फिर अपने पास खींचा और अपना लंड उसको मुँह में लेने को बोला.
वह मना करने लगी.
मेरे बहुत बोलने के बाद उसने मेरे लंड को अपने मुँह में ले लिया और मजे से चूसने लगी.

थोड़ी देर चूसने के बाद बोली- अब इसे इसकी सही जगह पर लगा दो!
मैंने उसको चुदाई की पोजीशन में लिटाया और अपना लंड उसकी चूत पर रख कर एक ही झटके में पेल दिया.

वह तड़प गई और बोली- उई साले पागल हो क्या … तुमने तो एक ही बार में पेल दिया … आह जानते भी हो कि तुम्हारा बहुत मोटा है और लंबा भी है.
मैंने पूछा- तुम्हारे बॉयफ्रेंड का कैसा है?

वह बोली- यार उसका मत पूछो, वह तो बेकार है … जरा सा पुल्ल पुल्ल करके निकल जाता है. उसका सही होता तो तुमको चांस क्यों मिलता?
बस मैं अब उसे दबा कर चोदने लगा.

वह अपनी दोनों टांगें हवा में फैला कर आअहहह आह करने में लगी थी.

मैंने कहा- मजा आ रहा है बेबी?
वह बोली- हां बहुत … पर प्लीज आराम आराम से करो न … ऐसे में दर्द हो रहा है.

मैं कहां मानने वाला … मैं उसके दूध दबा कर चोदने लगा.

थोड़ी देर बाद वह झड़ गई और उसके बाद मेरा भी रस निकल गया.
मैंने अपना माल उसके पेट पर निकाल दिया.

कुछ पल बाद वह मुझे हटा कर उठी और अपने अंग साफ करके कपड़े पहन लिए.

मैं भी अपने अंडरवियर को पहन कर ठीक से लेट गया और उसे प्यार से देखने लगा.
थोड़ी देर के बाद मेरा फिर खड़ा हो गया.

वह देख रही थी.

मैंने कहा- यार, एक बार में मजा नहीं आया. मेरा फिर मूड बन रहा है.
वह बोली- तो अब क्या करना है!

मैंने कहा- यार वह तो बस ऐसे ही स्टार्टअप था. इस बार आओ, सही से मजे करते हैं.
वह बोली- रुको पहले मैं देख कर आती हूँ कि कोई आया तो नहीं है!

फिर वह बाहर गई और दरवाजे बंद करके अन्दर आ गई.

जैसे ही वह मेरे करीब आई, मैंने उसका लोअर खींच दिया तो देखा कि उसने पैंटी पहनी ही नहीं थी.
मतलब वह खुद दुबारा चुदने को मचल रही थी.

इस बार मैंने पहले 69 में खेल शुरू किया.
फिर चुत गीली होते ही मैंने अपना लंड वापस उसकी चुत में ठांस दिया और हम दोनों मस्ती करने लगे.

इस बार वह खुल कर चुदवा रही थी.

मैं भी उसे प्यार करता हुआ चोद रहा था.

कभी उसकी चूची को चूसता तो कभी उसकी जीभ को चूसने लगता.

कुछ मिनट बाद उसका रस निकल गया, पर मेरा अभी नहीं निकला था.

मैं जोर जोर से धक्के लगाने लगा. अब वह ढीली पड़ गई थी.
मैं उस HotXxx लड़की की चूत चुदाई का मजा लेता रहा.

थोड़ी देर बाद मेरा भी होने वाला था तो मैं और तेज धक्के लगाने लगा.

इससे वह चार्ज हो गई और अब वह भी धक्के देने लगी और बाद में मेरे साथ ही झड़ने वाली हो गई थी.

मैंने पूछा- कहां निकालूँ?
वह बोली- अन्दर ही डाल दो. मैं देख लूँगी. अभी तो एमसी से फ्री हुई हूँ. कुछ नहीं होगा.

मैं उसकी चुत में ही झड़ गया.
वह भी झड़ गई.
हम दोनों नंगे ही लेट गए.

मैंने पूछा- मजा आया?
उसने कहा- यार, सच में अभी तक इतना मजा कभी नहीं आया था. सच में तुम बड़े खिलाड़ी निकले, मैं तो तुम्हें छोटा समझती थी.
मैंने कहा- मैं तुम्हारे जैसा ही हूं.

वह हंसने लगी.
हम दोनों बाथरूम में आ गए और उधर से साफ होकर कर कपड़े पहनने लगे.

उस दिन से हम दोनों बिल्कुल खुल गए हैं और अब जब भी मन होता है, मैं उसे चोद देता हूँ.
अब तो जैसे वह मेरी बीवी बन चुकी है, जब उसका मन होता है, वह मेरे लौड़े को पकड़ लेती है और मैं उसे सारी सारी चोदता हूँ.
अब तो उसने अपने बॉयफ्रेंड को भी कॉल मैसेज करना बंद कर दिया है.

उसे अब बस मेरे साथ सेक्स में मजा आता है और मुझे भी उसकी लेने में मजा आता है.
आपको कितना मजा आया है, प्लीज आप मेरी HotXxx लड़की की चूत चुदाई कहानी पर कमेंट्स करके जरूर बताएं.
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मेरी पिछली कहानी थी: भाभी की चूत से मेरी दोस्ती हो गयी