हॉट मामी सेक्स कहानी में मेरी मामी से मेरी दोस्ती थी. हम सेक्स की बात भी कर लेते थे. मुझे लगा कि मामी मेरे मामा से खुश नहीं है. मैंने मामी को अपने लंड से कैसे खुश किया?
दोस्तो, मेरा नाम चिन्मय है और मैं 21 साल का एक तगड़ा लड़का हूँ.
मेरी मामी का नाम संजना है, वे एक खूबसूरत और हॉट मामी हैं.
उनकी उम्र 33 साल है और वे 2 बेबीज की मां हैं.
यह एक सच्ची हॉट मामी सेक्स कहानी है.
मेरे और मेरी मामी के बीच एक दोस्ती वाला रिश्ता है.
मैं उनसे अलग अलग विषयों पर बातें करता रहता हूँ और इतना ज्यादा खुला हूँ कि हम दोनों ने साथ में कई बार डबल एक्स पोर्न वीडियो भी देखी हैं.
ऐसे तो मैंने कभी उनको चोदने का सोचा नहीं था लेकिन एक बार की बात है, जब मेरे मामा काम से 3 दिनों के लिए बाहर गए थे.
उस वक्त मैंने मामी से व्हाट्सएप पर बात की और हमारी बातें थोड़ी गंभीर हो गईं.
वे मेरे आगे टूट गईं और अपना दर्द बताने लगीं.
तभी मैंने भी अपने आप पर कंट्रोल खो दिया और उन्हें बता दिया कि मैं आपको बेहद प्यार करता हूँ.
उन्होंने भी मुझसे कहा कि वे भी मुझे पसंद करती हैं.
मैंने कहा- आप मुझे सिर्फ पसंद करती हैं. जबकि मैं आपको प्यार करता हूँ.
वे पहले तो चुप हो गईं, फिर उन्होंने दबी जुबान में कहा- दूध का जला छांछ भी फूँक फूँक कर पीता है.
मैंने कह दिया- चलो आप पहले फूँक फूँक कर देख लीजिए, बाद में अच्छा लगे तो गटगट करके पी लेना.
वे मेरी बात को समझ गईं और हंसने लगीं.
फिर हम दोनों प्यार भरी बातें करने लगे. बातों का दौर अपने चरम पर आता कि तभी मामी बात को पलट कर फिर से शुरुआत वाले बिन्दु पर ले आतीं.
मैं भी समझ गया था कि बिना सबूत दिए इनकी नहीं ली जा सकती है, तो मैं उन्हें अपना औजार दिखाने की जुगत में लग गया.
अब हमारी बातें रोजाना होने लगीं.
दिन में हम दोनों एक दूसरे से कई बार बात करते थे.
एक दिन मैं उनके घर गया तो मैंने मौका देख कर उनको अपने पास बुलाया और उनके गले पर किस कर दिया.
वे भी मेरे साथ सहयोग करने लगीं.
करीब दस मिनट तक मैं अपनी संजना मामी को किस करता रहा.
तभी मामी के फोन की घंटी बजी तो उन्होंने फोन की स्क्रीन पर देखा, मौसी जी फोन आ रहा था.
वे मेरी तरफ मुस्कुरा कर देखने लगीं.
मैंने उन्हें फोन उठाने का इशारा कर दिया.
मामी मेरी मौसी से बात करने लगीं और मैं उन्हें चूमता रहा.
उन्होंने मुझसे कुछ नहीं बोला.
इससे मेरी हिम्मत बढ़ गई और मैंने धीरे से अपना एक हाथ बढ़ा कर उनके एक दूध पर रख दिया.
जब उन्होंने मेरे हाथ का स्पर्श अपने दूध पर पाया, तो वे मौसी से बात करती हुई मुझे देखने लगीं.
उसी वक्त मैंने हल्के से उनके दूध को मसल दिया.
मामी की मीठी आह निकली तो मौसी ने शायद उन्हें टोका कि आह आह क्यों कर रही हो?
तो मामी ने कहा- कुछ नहीं यूं ही जरा छाछ गिर रही थी.
मुझे हंसी आ गई और मैंने उनके दूध को और जोर से मसल दिया.
वे हंसने लगीं और मुझे हटने का कह कर मौसी से बात करने लगीं.
अब जब भी मैं उनके घर जाता, तो कभी उन्हें कमर में, तो कभी उनके बूब्स को टच कर लेता और वे कुछ नहीं बोलतीं.
जब मैं उनके साथ यह सब करता, तब मेरा लौड़ा एकदम खड़ा हो जाता.
उन्हें भी पता लग गया था कि मेरे लौड़े की सख्ती कैसी है.
पर वे कुछ नहीं बोलतीं.
फिर हम सभी का मौसी के घर इंदौर जाने का तय हुआ.
उसमें हमारे घर वाले और मामी भी आने वाली थीं.
लेकिन मामा नहीं आ रहे थे, उन्हें शायद कोई काम लग गया था.
हम सभी को एक साथ एक ही ट्रेन से जाना था.
हमारी यात्रा शुरू हुई.
रात के समय जब मैं उनकी सीट पर खाना खाने गया, तो उधर ही उनके पास बैठ गया.
देखते देखते ट्रेन के डिब्बे की सारी लाइट बंद हो गईं और सब सो गए.
अब मैंने मामी को अपनी बांहों में ले लिया और उनके बूब्स पर हाथ फेरने लगा.
ये मेरा पहली बार था जब मैं यूं खुल कर उनके बूब्स दबा रहा था.
मुझे बहुत मजा आ रहा था.
मामी के दूध मसलते हुए ही मैंने उनको लिप किस करने को कहा, पर वे मना करने लगीं.
मेरे बहुत समझाने पर मामी मान गईं और मैंने उनके होंठों पर अपने होंठ रख दिए.
ऐसा मैंने बहुत बार किया.
मामी बहुत ही अच्छी चूमने वाली निकलीं.
वे मेरे मुँह में अपनी जुबान देने लगी थीं और मुझे उनके साथ इस तरह से चुंबन करने में बेहद मजा आया.
मैं काफी तक उनके होंठों का रस पीता रहा.
जिस वक्त मैं उन्हें चूम रहा था, तब मैंने उनके दूध दबाना बंद कर दिया था.
तभी मामी ने मेरे हाथ को उठा कर अपने मम्मों पर रखने का इशारा किया.
मैंने उनके मम्मों को दबाना शुरू कर दिया.
वे मस्त होने लगीं.
मैंने मामी से कहा- मुझे आपके बूब्स देखने हैं.
उन्होंने अपने कुर्ती और ब्रा ऊपर करके अपना दूध दिखाए.
आह … क्या मस्त बूब्स थे मामी के … उनकी चूचियां एकदम गोल मटोल थीं.
मैं उनके दूध को चूसना चाहता था पर उनकी बेबी उनका दूध पीती थी तो मामी मुझे दूध नहीं पिलाना चाहती थीं.
मैंने उसी वक्त मामी को चोदने का प्लान बना लिया, पर वे मुझे ऊपर ऊपर से ही करने का कह रही थीं.
दरअसल मामी मेरे साथ खुल कर सेक्स करना चाह रही थीं.
ट्रेन में खुल कर सेक्स नहीं किया जा सकता था.
इस तरह से पूरी रात हमारा खेल चलता रहा.
फिर दूसरे दिन हम लोग इंदौर पहुंच गए और रात को मौसी के घर पर मैंने जैसे तैसे मामी के बाजू में सोने का इंतजाम कर लिया.
उधर भी अंधेरे में मैंने मामी की चूत में उंगली करना शुरू किया.
मस्त रसीली चिकनी चूत थी मामी की.
उनकी चुत के ऊपर झांटों का नामोनिशान तक नहीं था.
शायद मामी ने दिन में ही नहाते समय अपनी हल्दी घाटी की सफाई कर ली थी क्योंकि उन्हें अंदेशा था कि रात में युद्ध होना ही है.
मैंने 20 मिनट तक मामी की चूत में उंगली की और उसके बाद उनके बूब्स दबाना शुरू कर दिया.
मैं उनकी चूचियों को मस्ती से मसलता रहा. कभी लेफ्ट वाली चूची को दबाता तो कभी राइट वाली को.
मुझे बहुत मजा आ रहा था.
लेकिन तभी मामी की बेबी जाग गई और वह रोने लगी.
तो मुझे चुदाई करने में समस्या होने लगी थी.
ऐसा 3 दिन तक चलता रहा.
दिन में भी हम लोग जब बाहर घूमने जाते तो मैं मामी के बाजू में ही बैठता और हम दोनों किस करने लगते.
मैं उनके मम्मों पर टच करता और हम दोनों मजा लेते रहते.
वे भी मेरे साथ खुश थीं.
उन्हें भी बहुत मजा आ रहा था.
फिर हम मामी के पीहर गए, तब सभी रिश्तेदार बाजू में किसी अन्य रिश्तेदार से मिलने गए थे.
उनके यहाँ खाना आदि का प्रबंध था.
उधर दो तीन घंटे का समय लगने वाला था.
मैं उधर नहीं गया और मामी भी घर पर ही थीं.
मैंने उन्हें अलग कमरे में बुलाया और हम दोनों फिर से शुरू हो गए.
आज मौका अच्छा था.
हमने एक दूसरे को बांहों में लेकर प्यार करना शुरू किया और खूब लिप किस करने लगे.
मामी मेरे ऊपर लेट गईं.
मैंने उनके मम्मों को खूब दबाया और मेरा लंड खड़ा हो गया.
मामी ने लौड़े की सख्ती को महसूस किया तो बोलीं- तुम्हारा खड़ा हो गया है!
मैंने कहा- मामी, आप इतनी हॉट हो कि मेरे से कंट्रोल ही नहीं होता.
मैं उन्हें और जोर से किस करने लगा, उनके दूध दबाने लगा और चूत में उंगली करने लगा.
वे मेरे लंड को सहला रही थीं और मुझे चोदने के लिए उकसा रही थीं.
मैंने मामी को नंगी कर दिया और खुद भी नंगा हो गया.
मामी नंगी हुईं तो सच में क्या माल लग रही थीं.
मैंने अपना लौड़ा उनके हाथ में दे दिया और उनके दोनों चूचे दबाने लगा.
वे मेरा लंड चूसने लगीं और मुझे जन्नत का अहसास करवाने लगीं.
मामी मेरे लंड को बहुत ही ज्यादा मजे से चूस रही थीं.
इधर मैं उनके मम्मों से खेल रहा था.
उनके नंगे दूध मैंने आज पहली बार इतनी अच्छी तरह से देखे थे.
एकदम गोल लाल सेवफल से मस्त और सख्त दूध थे.
मैं उनकी एक चूची को चूसने लगा था.
उस दिन मामी ने पहली बार मुझे अपना दूध चूसने दिया था क्योंकि उनकी बेबी छोटी थी और वह मामी का दूध पीती थी.
उनकी बेबी ने आधा घंटा पहले ही मां का दूध पिया था और वह सोई हुई थी.
बड़ी वाली बेबी बुआ आदि के साथ पड़ोस के रिश्तेदार के घर खाना खाने गई थी.
मामी के मीठे दूध को पीकर मैं मस्त हो गया.
मामी भी मुझे अपने बेबी जैसा समझ कर अपना दूध पिलाने लगी थीं.
फिर मैंने मामी की गांड को दबाना शुरू किया, तो मुझे तो समझो जन्नत का सुख मिलने लगा था.
मुझे सच में इतना ज्यादा मजा आ रहा था कि बस झट से उन्हें चोदने को मरा जा रहा था.
अब मैंने उनकी चूत में अपनी जीभ डाली और चूत चाटना चालू किया.
मामी की चूत बहुत अच्छी थी और मैं चुत चुसाई के साथ उनके बूब्स भी दबा रहा था.
फिर मैं उनके ऊपर आ गया और उनके एक मम्मे को जोर जोर से चूसने लगा.
उनकी चूची को काटते हुए खींचने लगा.
मामी मेरे लंड को पकड़ कर अपनी चुत पर घिस रही थीं. मेरी तो मानो लॉटरी लगी हो, ऐसा लग रहा था.
फिर मैंने मामी की चूत में लंड डालने की तैयारी की और अपने लंड को मामी की चूत में सैट कर दिया.
वे मेरी आंखों में वासना से देख रही थीं और शायद लंड पेलने की बात आंखों से कह रही थीं.
मैंने उन्हें चोदने को लेकर जैसे ही एक तेज धक्का मारा, मेरा लंड फिसल गया.
अब मामी ने खुद अपने हाथ से लंड पकड़ा और मैंने धक्का दिया तो लंड चुत के अन्दर घुस गया.
मामी की आह की आवाज निकली और उन्होंने चुदवाना शुरू कर दिया.
मैं जोर जोर से मामी को चोद रहा था और उनके बूब्स दबा रहा था.
मामी भी खुश थीं, उनको मेरे लंड से चुदने में बहुत मजा आ रहा था.
मैंने पूछा- मामी जी, छाछ कैसी है!
वे हंस कर बोलीं- एकदम मस्त है. पेले जाओ, आज से संजना तुम्हारी हुई!
अब मैं मामी को अपने ऊपर लेकर चोदने लगा.
मामी कुछ ही देर में हाँफने लगीं और मैंने वापस उन्हें अपने नीचे ले लिया.
मैंने अपने धक्के तेज कर दिए.
मामी मुझे प्यार से देख रही थीं और मेरा भरपूर साथ दे रही थीं.
मैं उनको पूरी ताकत से चोद रहा था. मेरी स्टेमिना को देख कर मामी हैरान थीं.
थोड़ी देर बाद मैंने मामी की टांगों को अपने कंधों पर रखा और उन्हें रगड़ कर चोदना शुरू कर दिया.
मामी चूंकि एक बार झड़ चुकी थीं तो अब उनको लंड लेने में दर्द हो रहा था.
वे मुझसे छोड़ देने को बोलीं, पर मैं नहीं माना और मैंने उनकी खूब चुदाई की.
हॉट मामी सेक्स में थोड़ी देर बाद मेरा पानी निकलने वाला था, तो मैंने मामी से कहा.
उन्होंने कहा- अन्दर ही निकाल दो.
मैं उन्हें जोर जोर से चोदने लगा और दो मिनट बाद मैंने अपना पूरा पानी मामी की चूत में छोड़ दिया.
मैं बेहद खुश हो गया था. मैंने मामी के होंठों को एक किस की और हम दोनों अलग हो गए.
फिर बाथरूम में जाकर साफ सफाई करके हम दोनों ने अपने अपने कपड़े पहन लिए.
अब मैं और मामी सेक्स पार्टनर बन गए हैं. जब भी मौका मिलता है, हम दोनों अपना सेक्स का खेल खेलते हैं.
आगे भी मामी और मैंने बहुत पल साथ में बिताए.
मैंने जब दूसरी बार उनको चोदा, तो किसी ने हमें शायद देख लिया था.
वह क्या मसला था, उसे मैं दूसरी बार की सेक्स कहानी में बताऊंगा.
दोस्तो, आपको मेरी हॉट मामी सेक्स कहानी कैसी लगी, प्लीज जरूर बताएं.
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